धरती की कोख से सूखते जा रहे जल को बचाने की मुहिम में धरतीपुत्र अहम भूमिका निभा सकते हैं। जरूरत सिर्फ किसानों को ठंडे दिमाग से सोचने की है। वह पारंपरिक सिंचाई के तौर-तरीकों को छोड़कर नई प्रणाली को अपना लें तो न सिर्फ सिंचाई का आधा पानी बचा लेंगे बल्कि कृषि उत्पादन भी डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगा।
देश की अधिकांश आबादी गांवों में रहती है। जल संरक्षण की दिशा में वहां से अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। अव्वल तो तालाब, पोखरों को बचाने की जरूरत है। इसके अलावा सिंचाई भी एक बड़ा मुद्दा है। किसान परेशान हैं कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। पानी मिलता है
Source click hear
I think you will like this post.
Enjoy your Wednesday.
Have a good day.