diabetes kya hai (how to control diabetes in hindi)
पिछले कुछ सालों में सभी के जीवन में तेजी से बदलाव देखने को मिले हैं .आधुनिक दिनचर्या व ख़राब खानपान के कारन diabetes एक कामन बीमारी बन गयी है जो बुजुर्गों को ही नहीं अपितु युवाओं एवं बच्चों को भी अपने चपेट में ले रही है . यह बहुत बड़ी बीमारी है परन्तु डायबिटीज का इलाज(sugar ka ghareloo ilaj शुगर का घरेलू इलाज) करके आप अच्छी लाइफ जी सकते हैं (how to control diabetes in hindi).
कुछ भी समझने से पहले यह जानना जरुरी है की डायबिटीस है क्या"(how to control diabetes in hindi)? आसान भाषा में समझिये की जब कोई मनुष्य कुछ खाता है तो उसका शरीर उस खाने को पचा कर शरीर के लिए ऊर्जा बनाता है यह ऊर्जा ग्लूकोस के रूप में होती है इस ऊर्जा को शरीर में व्यवस्थित करना इंसुलीन का कार्य होता है .अब शरीर को उर्जा नहीं मिल पाने के दो कारण हो सकते हैं या तो इन्सुलिन पर्याप्त मात्र में न मिले या शरीर की कोशिका को ग्लूकोस तो मिल जाये परन्तु वह ठीक से ऊर्जा में परिवर्तित न करें .इन्ही में पहले कारण को टाइप १ डायबिटीस एवं दुसरे कारण को टाइप टू डायबिटीज कहते हैं .
इन दोनों कारणों में शरीर में बने ग्लूकोस को शरीर में इस्तेमाल न होने के कारण इसकी मात्र खून में बढ़ जाती है .ग्लूकोस ही शुगर (चीनी )का दूसरा रूप है .इसलिए डायबिटीस के रोगियों के लिए हम कहते हैं की शुगर लेवल बढ़ गया है .सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में खाने के पहले blood में glucose का level 70 से 100 mg./dl रहता है। खाने के बाद यह level 120-140 mg/dl हो जाता है और फिर धीरे-धीरे कम होता चला जाता है।
शरीर में ग्लूकोस की मात्रा अधिक होने पर शरीर के अंगों को उस अधिक ग्लूकोस के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है जिसका बुरा असर उन अंगों पर पड़ता है और इसलिए वो अंग प्रभावित होते हैं .अब डायबिटीस को कंट्रोल करने के दो तरीके हो सकते हैं या तो एक्स्ट्रा ग्लोकोस को जाने से रोका जाये या फिर इन्सुलिन की मात्रा को नियंत्रित किया जाये .ऐसे समय में यदि व्यक्ति अधिक शारीरिक श्रम वाला काम करता है या व्यायाम करे ,इससे अतिरिक्त ग्लूकोस का इस्तेमाल हो जाता है और डायबिटीस नियंत्रित हो जाती है .यही वजह है की जो व्यक्ति दिन भर बैठा रहता है या उसका काम बिना किसी शारीरिक श्रम के दिनभर होता है उसके शरीर में मधुमेह होने की सम्भावना बहुत होती है .इसलिए डायबिटीस वाले मरीज को सुबह शाम टहलना बहुत आवश्यक है एवं इससे बहुत लाभ होता है .
प्राकृतिक तरीके से डायबिटीस को नियंत्रित करना सबसे अच्छा तरीका है जिससे शरीर उसके अनुरूप ढल जाता है एवं लम्बी उम्र बिना किसी परेशानी के जी जा सकती है .
अब समझते हैं की डायबिटीस के लक्षण क्या है ? कैसे पता करें की डायबिटीस है :
Diabetes Symptoms डायबिटीस के लक्षण(how to control diabetes in hindi)
• अधिक प्यास या भूख लगना
• अचानक वज़न का घट जाना
• कमजोरी और थकावट महसूस करना
• घाव भरने में ज्यादा वक़्त लगना
• बार-बार पेशाब होना
• आँखों में कमजोरी महसूस होना
• त्वचा में संक्रमण होना और खुजली होना
मधुमेह के रोगी को प्यास व भूख अधिक लगती है .मूत्र बार बार आता है .शरीर में संक्रामक रोगों से बचाव की ताकत (Immunity system) कम हो जाती है .घाव भरने में समय लगता है .आँखों की रोशनी कम हो जाती है .
sugar ka ghareloo ilaj (how to control diabetes in hindi)----- क्या ना करें :
[caption id="attachment_609" align="aligncenter" width="480"] jhandlife.com[/caption]
खाने में quantity से ज्यादा quality पर ध्यान दे .
अल्कोहल की मात्रा ज्यादा न लें ,अल्कोहल ज्यादा लेने से शरीर में triglyceride का लेवल बढ़ जाता है जिससे diabetes होने के मौके बढ़ जाते हैं .
रोजाना कम से कम ७ से ८ घंटे की नींद लें .
मोटापा ना बढ़ने दें .
शक्कर व उससे बने खाद्य पदार्थ जैसे आइसक्रीम ,शरबत,मिठाई आदि के सेवन ना करें .
5 फीसदी खाना कम खा सकते हैं परन्तु १ फीसदी ज्यादा खाना नुकसानदेह है .
लाल मांस red meat का सेवन ना करें .
अगर मांसाहारी हैं तो मछली का सेवन फायदेमंद रहेगा .
sugar ka ghareloo ilaj( how to control diabetes in hindi)....
करेला के जूस से डायबिटीस में फायदा :
करेले का प्रयोग डायबिटीस के रोगियों के लिए रामबाण दवा के रूप में है .करेले में करनटीन नमक तत्त्व पाया जाता है जो रक्त में ग्लूकोस की अधिक मात्रा को कम करता है एवं रक्त में ग्लूकोस की अधिक मात्रा ही डायबिटीस का मुख्य कारण है .करेला ग्लूकोस maitabolism को नियंत्रित करता है .करेला एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जो डायबिटीस के अन्य प्रभाव को भी ख़त्म करता है .
करेला खाने से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा भी नियंत्रित होती है जिसका सीधा फायदा मधुमेह में होता है .इसलिए करेले का प्रयोग डायबिटीस के मरीजों के लिए अम्रुतुल्या है .
मेथी के दाने १० ग्राम एवं १० ग्राम सूखा करेले को पीसकर चूर्ण बना लें और सुबह के समय १ से २ चम्मच खाली पेट पानी के साथ सेवन करें (.
सुबह के समय नीम की ४ कोपलें २० दिन तक नित्य चबाकर खाने से लाभ होता है
ताजे आंवले का २ चम्मच रस शहद के साथ दिन में दो बार सेवन करें .
मधुमेह में अगर बार बार पेशाब लगे तो उसे दूर करने के लिए १ चम्मच हल्दी फांककर पानी पियें .
जामुन के आठ दस फ्हलों को पानी में उबालें फिर पानी ठंडा होने पर जामुन उसी में मसल लें .उस पानी को सुबह शाम पियें यह मूत्र में शुगर की मात्र कम करती है .
दोपहर के समय आधी मुली का रस मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण औषधी है .
थोड़े से सूखे आंवले लेकर उसमें १०० ग्राम जामुन की गुठलियाँ सुखाकर पीस लें इस चूर्ण में से १ चम्मच सुबह खाली पेट सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है .
लगातार तीन महीने तक करेले की सब्जी देशी घी में बनाकर खाने से diabetes में आराम मिलता है .
रात में मेथी के दोनों को भिगिकर रख दें ,सुबह उठकर मेथी के दानो का पानी पीकर धीरे धीरे मेथी चबा लें .
रात में काली किशमिश भिगोकर रख दें सुबह उठकर उसका पानी पी लें .
तेजपत्तों को कूटकर महीन चूर्ण बना लें एवं सुबह शाम गुनगुने पानी सेवन करें .
जामुन के चार पांच पत्तों को सुबह के समय थोड़े से सेंध नमक के साथ चबाकर खाने से मधुमेह में आराम मिलता है .
खाने में करेले का प्रयोग करने से भी बहुत फायदा होता है .
सुबह नंगे पैर हरी हरी घास में टहलने से बहुत आराम मिलता है एवं शुगर लेवल कम करने में फायदा होता है .
सुबह कम से कम १ घंटे तक जरुर टहलें ,इससे मधुमेह में बहुत जबरदस्त फायदा होता है .
अगर आपको diabetes है और आप अपनी सही देखभाल एवं दिनचर्या में बदलाव करके एक स्वस्थ्य जीवन जी सकते हैं sugar ka ghareloo ilaj (how to control diabetes in hindi). मधुमेह के रोगियों को समय समय पर अपना शुगर लेवल जरूर जांच करते रहना चाहिए एवं चिकित्सक से भी सलाह लेनी चाहिए .हाँ ये जरूर है की परहेज करके आप इस रोग पर आसानी से काबू पा सकते है एवं डायबिटीज का इलाज कर सकते हैं .