क्या खूब इबादतें बख्शी है तूने एक इबादत (रोज़े) में ऐ अल्लाह ,
सब्र भी, शुक्र भी, फ़िक़्र भी, ज़िक़्र भी, नेमत भी, रहमत भी,जन्नत भी !
क्या खूब इबादतें बख्शी है तूने एक इबादत (रोज़े) में ऐ अल्लाह ,
सब्र भी, शुक्र भी, फ़िक़्र भी, ज़िक़्र भी, नेमत भी, रहमत भी,जन्नत भी !