मन की आंखो से
रब का दीदार करो,
*दो पल का है अन्धेरा*
*बस सुबह का इन्तजार करो।*
*क्या रखा है*
*आपस के बैर मे ए यारो,*
*छोटी सी है ज़िंदगी बस*
*हर किसी से प्यार करो...!*मन की आंखो से
रब का दीदार करो,
*दो पल का है अन्धेरा*
*बस सुबह का इन्तजार करो।*
*क्या रखा है*
*आपस के बैर मे ए यारो,*
*छोटी सी है ज़िंदगी बस*
*हर किसी से प्यार करो...!*