लोग क्या कहेंगे यह सोचकर बैठ जाना आपकी हार है लोगों की मानसिकता बदलने में लग गए तो आपका क्या होगा सोचिए कोई क्या सोच रहा है क्या सोचेगा यह सोचना आपकी समस्या नहीं चलना आपको है लोगों को नहीं जिस दिन दिमाग से लोगों की प्रतिक्रिया क्या होगी यह बकवास विचार हटा दिया जाए आपको सारे विकल्प मिल जाते हैैं प्रतिक्रिया देने वाले कोई बुद्धिजीवी नहीं हैं कि उनकी रायसुमारी अपने निजी निर्णय में शामिल की जाय लोगों के विचार उनके स्वार्थ से जुड़े होते हैं स्वयं चलिए और अपनी राह बनाईए।
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