माफ कीजिएगा मेरा यह लेख हिन्दी में हैं और आपको विचलित कर सकता है कृपया अंग्रेजी के अच्छे जानकारों से विनती है इसका अंग्रेजी में अनुवाद कर दें लेख शुरू :- जैसा कि हम सब जानते है मानव प्राणी के रूप में मानव का जन्म दो मुख्य लिंगो के रुप में होता है पहला पुरूष और दूसरा महिला .अगर पुरूष के रुप में जनम है तो महिला के प्रति स्वाभाविक आकर्षण होगा और महिला है तो पुरूष के प्रति और हर मानव शरीर का, चाहे पुरूष रुप हो या स्त्री रुप , सर्वप्रथम और स्वाभाविक ,सदाबहार स्वार्थ होता है जीवन की अंतिम सांस तक सुख और आनंद का जीवन व्यतीत करना अब बात यह है कि आज के मानव जीवन के हालातों में अलग अलग धर्म सम्प्रदाय व रीती रिवाजों के अनुसार पुरूष और स्त्री रहते है पूरे विश्व में हर देश में आज मुस्लिम धर्म को छोड़कर अन्य सभी गैरमुस्लिम धर्पुमी पुरूष अतिधर्मनिरपेक्ष,अतिउदार ,अतिसहिष्णु है ,अतिमानवीय, और अतिसज्जन और अतिधार्मिक है ,परेशान है क्योंकि करीब करीब हम सभी धर्मों के पुरूषों की कौम ने अपने अपने धर्म की महिला को खुद से भी ज्यादा वरीयता और आजादी दी है इसलिए तो गृहस्वामिनी का दर्जा दिया है पर इस कारण से करीब करीब हर धर्म का पुरूष तनाव में जी रहा है क्योंकि हमने महिला के पक्ष में इतने नियम बना दिये है कि पुरूष का जबरदस्त शोषण हो रहा है बेचारा गैरमुस्लिम धर्मी पुरूष दिन रात एक करके अपनी महिलाओं के सारी भौतिक सुख सुविधाऐं जुटाता है अपनी महिला को रानी बनाकर रखने की कोशिश में खुद अधमरा बीमार सा हो जाता है और यही महिला साथ छोड़़ देती है अगर कभी उसके ऐशो आराम में कुछ कमी आ जाये जबकि इसके विपरीत आप देखिए मुस्लिम धर्म के पुरूष ने सारे नियम उसकी पुरूष कौम के पक्ष के बनाए हैं महिला को बुर्के में रहना होगा मजाल है कि पुरूष की मर्जी और इजाजत के बगैर महिला कुछ कर सके नही तो मुस्लिम पति काट के नही रख देगा मुस्लिम पुरुष को तीन तलाक कह कर तलाक की छूट है तीन पत्निया रखने की छूट है और भी कितने ही पक्ष की बातें है जो आप जानते है तो कुल मिलाकर सभी गैरमुस्लिम धर्मों के पुरूषों से आग्रह है कि बात को समझे एकजुट हो असमानता को समझे विरोध करे एक दूसरे का साथ दे इस भोगवादी भौतिकवादी युग मे अतिधार्मिक ,अतिआत्मिक ,अतिसहिष्णु ,अतिउदार अतिसज्जन ,अतिधर्मनिरपेक्ष ,अतिमानवीय अतिविश्वास होना मूर्खता है नही तो आपके हितो पर दूसरे धर्म पुरुषों की घुसपैठ बढ़ती जायेगी आप समझ जाये किस दूसरे धर्म के पुरूषो की बात कर रहा हूं आपके सुझाव आमंत्रित है