आज का पंचाग (aaj ka panchang)
10 अप्रैल 2018 का पंचाग ( Panchang )
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
।। आज का दिन मंगलमय हो ।।
दिन (वार) - मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
*विक्रम संवत् 2075 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1940
*अयन - उत्तरायण
*ऋतु - वसन्त ऋतु
*मास - वैशाख माह
*पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि (Tithi)- दशमी - पूर्ण रात्रि तक तदुपरान्त एकादशी ।
तिथि का स्वामी - दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी है तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी है ।
दशमी तिथि के देवता यमराज जी हैं। यह दक्षिण दिशा के स्वामी है। इनका निवास स्थान यमलोक है। इस दिन इनकी पूजा करने, इनसे अपने पापो के लिए क्षमा माँगने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं, निश्चित ही सभी रोगों से छुटकारा मिलता है, नरक के दर्शन नहीं होते है अकाल मृत्यु के योग भी समाप्त हो जाते है।
इस तिथि को धर्मिणी भी कहा गया है। समान्यता यह तिथि धर्म और धन प्रदान करने वाली मानी गयी है ।
दशमी तिथि में नया वाहन खरीदना शुभ माना गया है। इस तिथि को सरकार से संबंधी कार्यों का आरम्भ किया जा सकता है।
नक्षत्र (Nakshatra)- श्रवण - रात्रि 23:25 तक तदुपरान्त धनिष्ठा ।
नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी - श्रवण नक्षत्र के देवता भगवान विष्णु जी हैं एवं ग्रह स्वामी चंद्र देव है । धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु (आठ प्रकार के वसु ) हैं एवं ग्रह स्वामी मंगल देव है ।
योग(Yog) - साध्य - 11 अप्रैल 05:30 तक
प्रथम करण : - वणिज - 17:40 तक
द्वितीय करण : - विष्टि - पूर्ण रात्रि तक
गुलिक काल : - दोपहर 12:47 तक है । ।
दिशाशूल (Dishashool)- मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
राहुकाल (Rahukaal)दिन - 3:00 से 4:30 तक।
सूर्योदय -प्रातः 06:01
सूर्यास्त - सायं 06:43
विशेष - दशमी को कलम्बी का सेवन नहीं करना चाहिए । ।
पर्व त्यौहार-
मुहूर्त (Muhurt) -
दशमी तिथि को राज संबंधी कार्य ( सरकारी कार्य ), व्रतबंध, प्रतिष्ठा, विवाह, यात्रा, भूषणादि के लिए शुभ होते हैं ।
दशमी तिथि को यात्रा, शिल्प, चूड़ा कर्म, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश शुभ है ।
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"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।
आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।