समय बदला समाज बदला बदल गई दुनिया सारी
समझ गया सारा संसार नारी नही है अबला बेचारी
बेटा बारिस है तो अगर बेटी भी पारस है
बेटा हीरा है तो अगर बेटी भी मोती है
बेटा वंस है तोअगर बेटी भी अंश है
बेटाआन है तो अगर बेटी भी शान है
बेटा तन है तो अगर बेटी भी मन है
बेटा संस्कार है अगर बेटी संस्कृति है
बेटा दुआ है तो अगर बेटी भी दुआ है
बेटा गीत है अगर बेटी भी संगीत है
बेटा आम है अगर बेटी बाग है
बेटा भाग्य है अगर बेटी भविष्य है