वांशिक संवर्धित (जी.एम.) सरसों की फसल के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति को लेकर केन्द्र सरकार डेढ़ महीने में निर्णय लेगी।
सरकार ने गत दिवस एक मामले में सुनवाई के दौरान यह जानकारी उच्चतम न्यायालय में दी। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा से कहा कि यदि सरकार जी.एम. सरसों के पक्ष में निर्णय लेती है तो न्यायालय इसके व्यावसायिक दोहन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।
इसके साथ इस मामले की सुनवाई सितंबर के दूसरे सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है। अदालत ने पिछले साल 17 अक्तूबर को जी.एम. सरसों की फसल के व्यावसायिक उपयोग पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी।