: विदेशों की तर्ज पर राजमार्गो के किनारे आराम और खानपान की विश्र्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने हेतु अब अब भारत में भी राजमार्गो के साथ हर पचास किलोमीटर की दूरी पर 'हाईवे विलेज' और ‘हाईवे नेस्ट’ बनाए जाएंगे।
कम से कम 1000 स्थानों पर यह सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, यहां चालक और सवारियां खाने-पीने व आराम करने के अलावा वाहनों की छोटी-मोटी मरम्मत करवा सकेंगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को हाईवे विलेज तथा हाईवे नेस्ट का ब्रांड लोगो जारी करते हुए कहा कि हाईवे विलेज और हाईवे नेस्ट में रेस्त्रां, फूड प्लाजा, कार, बस व ट्रकों के लिए पार्किंग, ढाबा, पेट्रोल व गैस स्टेशन, रिपेयर शॉप, रेस्ट रूम, डॉरमेट्री, खुदरा सामान की बिक्री के लिए खोखे जैसी तमाम सुविधाएं होंगी। हाईवे विलेज पांच एकड़ से अधिक जमीन पर और हाईवे नेस्ट इससे कम जमीन पर बनेंगे।
निजी भागीदारी से होगा निर्माण
गडकरी ने कहा कि भारत में राजमार्गो पर यूरोप, अमेरिका जैसी सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए सरकार ने निजी भागीदारी में इस कमी को दूर करने का निश्चय किया है। इससे चालकों व सवारियों के अलावा स्थानीय किसानों व शिल्पकारों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि उनके उत्पाद बिकेंगे।
183 स्थानों पर हो चुका है जमीन अधिग्रहण
एनएचएआइ को योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार अलग-अलग लोगों की आवश्यकता के अनुसार हाईवे विलेज व नेस्ट की तीन श्रेणियां होंगी। अब तक 183 स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इनमें से 34 के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। इनमें से 11 पहली श्रेणी के, 19 दूसरी श्रेणी के और 4 तीसरी श्रेणी के हैं।
अक्टूबर के अंत तक इनके कांट्रैक्ट अवार्ड कर दिए जाएंगे। अगस्त अंत तक 30 और स्थानों तथा सितंबर अंत तक बाकी सभी 119 स्थानों के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएंगी और दिसंबर अंत तक सभी के कांट्रैक्ट अवार्ड करने का इरादा है।
एनएचएआइ से ले सकते हैं फै्रंचाइजी
हाईवे नेस्ट योजना से आम लोगों को भी जोड़ा जाएगा। जिन लोगों के पास हाईवे के नजदीक एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है वे एनएचएआइ से संपर्क कर फै्रंचाइजी ले सकते हैं। उन्हें एनएचएआइ द्वारा प्रदत्त में खरीद मांग ...