बात कुछ हफ्तों पहले की है, हम लोग मार्किट से सब्जी खरीद के ला रहे थे कि रास्ते में हमें एक बिल्ली का बच्चा भागता हुआ दिखाई दिया। दरअसल वो अपनी जान बचा रहा था कुत्तों से। जैसे तैसे करके हमने उसे पकड़ा और आसपास ढूंढा कि उसके भाई बहन कहाँ हैं और लोगों से भी पूछा, किसी से कोई पता नहीं मिला।
थक हार कर हम इस बिल्ली को अपने घर ले आये और इसका नाम 'मिली' रख दिया। घर लाकर हमने इसका अडॉप्शन पोस्ट डाला सोशल मीडिया पर और लकिली मिली 4-5 दिन बाद ही अडॉप्ट हो गयी।