मेरे प्यारे भाइयो और मेरी प्यारी प्यारी बहनो कैसे हो आप लोग। मैं तो मस्त हूँ मैं आशा करता हूँ आप लोग भी सब अच्छे होंगे। भाई लोग एक बार और मैंने आप को कूकीज की फोटो दिखाई थी याद है की नहीं। वो सारे कूकीज ख़तम हो गए आज मेरी बहन ने दूसरी तरह का कूकीज बनाया है। मुझे पता नहीं ये उसने कैसे बनाया है मैं ये सब बनाना नहीं जानता। मैं तो बस ये सब खाता हूँ कैसे बनता है क्या मिलाती है मेरी बहन ये सब मैं नहीं देखता। मैं तो बस खाने से मतलब रखता हूँ बस खाने के लिए अच्छा मिलना चाहिए।
पिछले बार जो बनाया था न वो थोड़ा नमकीन था लेकिन ये वाला तो पूरी तरह से मीठा है। और मीठा चीज मुझे और भी ज्यादा मजा आता है खाने में। वैसे मीठा ज्यादा खिलाता नहीं और ये तो कूकीज है थोड़ी न एक ही बार में सब खा जाऊँगा आराम से थोड़ा थोड़ा कर के खाएंगे।
दूकान से तो आप ने बहुत कूकीज लेके खाया होगा, कभी घर का बना हुआ कूकीज खाया है की नहीं। घर के बने हुए कूकीज की बात ही अलग है, खाने में बहुत ही ज्यादा मजा आता है। घर के बने हुए में एक अलग ही स्वाद मिलता है और साफ़ सुथरा भी होता है खाने में बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है। आज दूसरी बार मेरी बहन ने कूकीज बनाये है और यकीन मानिये ये बहुत ही ज्यादा स्वादिस्ट है।