रक्षा सूत्र बांध लिया वृक्षों को बचाने का संकल्प, एनएच 31 से नवापुरा मोड़ जाने वाले संपर्क मार्ग के किनारे हरिवल्लमपुर गांव के पास स्थित वृक्ष का पेड़ लोगों को काफी सुकुन प्रदान करता है। ग्रामीणों की सुबह, दोपहर व शाम को पेड़ के नीचे तो समय कटता ही है अधिकतर लोग गर्मी में सुकून भरी नींद पाने के लिए पेड़ वृक्ष के इर्द गिर्द बनाए गए चबूतरे पर सोते हैं।
सैकड़ों वर्ष पुराने वट वृक्ष के आयु का कोई सही आंकलन नहीं कर पाता। गांव के वृद्ध शिवनारायण चौधरी और गंगा सागर यादव ने बताया कि उनकी उम्र अब धीरे धीरे 100 की उम्र ओर बढ़ रहा है लेकिन यह वट वृक्ष उनके बचपन में भी इसी तरह का था। उनके पिताजी भी बताते थे कि यह वृक्ष काफी पुराना है। इसे लोगा काफी मांनते है।
वट वृक्ष का तो इसका बहुत महत्व है लेकिन यहां पर भगवान शंकर का मंदिर भी लोगों के आस्था का केंद्र है। मंदिर पर सुबह शाम दर्शन पूजन व आरती में लोगों की भीड़ जमा होती है।
गर्मी में सड़क से गुजर रहे राहगीर भी ताप से बचने के लिए वट वृक्ष के नीचे चबूतरे पर बैठकर अपनी दोपहरी बिताकर आगे बढ़ते हैं। ग्रामीणों में मान्यता है यह वटवृक्ष उनके जीवन को चलाने के लिए आक्सीजन तो प्रदान करता ही है गांव की सुरक्षा भी इससे हैं। और आने वाले यह प्रतीत है।
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(Deepak Kumar Ahlawat)
