दोस्तों आज एक बहुत ही दिलचस्प और अनोखी खबर के साथ आपके सामने कुछ बात रखूंगा जिसमें एक ऐसी बात पाई जाती है जिसे सुनकर आप भी एक लम्हें के लिए सोचने पर मजबूर हो जाएंगे क्या फैमिली रिलेशन इतने बिगड़ सकते है जी हां दोस्तों एक सरकारी अधिकारी BSNL मैं उनकी नौकरी चल रही थी और वह अपने घर में काफी खुश थे और आखिरकार उनकी पत्नी सिर्फ एक बात से उनसे नाराज थी बात यह थी कि उन्हें पता ही नहीं था उनके पति की आय कितनी है इसी को लेकर इन दोनों के बीच में बहुत सारी तू तू मैं मैं होती और भी बहुत कुछ होता रहा और बात इस हद तक बढ़ गई कि पत्नी को ।
Image Source
कानून की मदद लेनी पड़ी और यह मामला अदालत तक जा पहुंचा और आपको यह जानकर बहुत हैरानी होगी कि यह मामला 11 साल तक चलता रहा पत्नी ने अपने तरफ से बहुत ही कोशिश की क्योंकि वह परेशान थी घर खर्च को लेकर और बार-बार अपने पति से उनकी बात बिगड़ने लगी और पत्नी का यह कहना है कि मेरे पति कभी भी मुझे उनकी असल आय नहीं बता रहे थे और वह मुझे महीने के सिर्फ ₹7000 ही देते थे जिसकी वजह से घर घर चलाना बहुत ही मुश्किल हो गया था इसीलिए मैंने जानने की कोशिश की कि अगर कोई सरकारी ऑफिसर होता है तो उसकी अच्छी खासी आय होती है मगर मेरे पति न जाने किस वजह से अपने आय में छुपा रहे थे यह तो मुझे अभी तक नहीं पता चला तो फिर मैंने सारी कोशिशें कर के ।
Image Source
जब मैं नाकाम हो गई तो मैंने कानून का दरवाजा खटखटाया और फिर मैंने अपनी पूरी बात उनके सामने रखी और मुझे अपने ही वकीलों ने बहुत मदद की और मैं भी सहमत थी कि मुझे चाहे जितना भी वक्त हो जाए एक न एक दिन मुझे इंसाफ जरूर मिलेगा मगर मुझे यह नहीं पता था कि इंसाफ मिलते-मिलते इतने साल गुजर जाएंगे मगर फिर भी मैंने हार ना मानी और मैं यह सब इसलिए कर रही थी क्योंकि मुझे अपने बच्चों की परवरिश की फिक्र थी और मुझे उनका भी फ्यूचर सिक्योर करना था इसीलिए मैं यह सब कर रही थी पवन कुमार जैन की पत्नी सुनीता ने BSNL से गुजारिश की थी कि वह अपने पति की इनकम स्लिप मुझे भेज दे मगर डिपार्टमेंट ने उनकी एक भी न सुनी और उन्हें निराशा हाथ लगी और कहा कि हम आपको इस तरह किसी भी अधिकारी की इनकम स्लिप नहीं दे सकते इसी बात को लेकर सुनीता ने कोर्ट में याचिका दाखिल की और इसके।
Image Source
ऊपर कारवाई की कोशिश शुरू हो गई फिर जब यह मामला कोर्ट में गया पवन कुमार के ऊपर एक दबाव बनाने में कामयाब हो गई और कोर्ट ने यह आदेश दिए पवन कुमार की पत्नी को BSNL को चाहिए कि वह सुनीता को इनकम स्लिप दिखा सकता है जब यह फैसला आया तो पवन कुमार ने किसी फैसले को चुनौती देकर मामले को उलझा दिया तो फिर यह मामला उलझता गया और सुनीता की लड़ाई और लंबी होती गई और बात को आगे ना बढ़ाते हुए बस अब हम आते हैं रिजल्ट की तरफ तो आखिर में यह हुआ कि सुनीता इस मामले में जीत गई और कोर्ट ने आदेश दे दिए कि कोई भी सरकारी अधिकारी हो उसकी इनकम स्लिप कोई भी अन्य सदस्य सरकार से या डिपार्टमेंट से तलब नहीं कर सकता और ना ही डिपार्टमेंट को ।
Image Source
इसकी इजाजत है मगर इस मामले में जो इनकम स्लिप की मांग कर रहा है वह खुद उस अधिकारी की पत्नी है तो यह उसका एक अधिकारिक हक है जो उसे देना चाहिए इसी को लेकर फिर BSNL यह फैसला किया सुनीता की मांगे बिल्कुल सही है उनको यह बिल्कुल हक हासिल है कि वह अपने पति की इनकम स्लिप और उनकी इनकम के बारे में सब कुछ जानने का उन्हें अधिकार है और इसी को लेकर वह अपना मुकदमा जीत गई मगर इस जीत के लिए उनको लड़ते-लड़ते 11 साल का हो गया यह एक बहुत ही गंभीर मसला है एक छोटी सी बात को लेकर पति ने अपनी पत्नी को अपने आय ना बताने की वजह से पत्नी ने मजबूर होकर कानून का दरवाजा खटखटाया और कानूनी लड़ाई लड़के 11 साल में अपने पति को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की मगर सवाल यह पैदा होता है कि आखिर पति-पत्नी में ऐसी क्या परेशानी थी क्या प्रॉब्लम थी क्या वजह रही ।
Image Source
होगी जिसकी वजह से यह पति-पत्नी आखिर ऐसी समस्या में उलझ गए कि वह एक दूसरे को हराने में लगे रहते थे यह कोई ऐसी बात ही नहीं कि उसको छुपाना जरूरी था और ना ही कोई इतना गंभीर मामला था जिसको लेकर हमें कोर्ट में ले जाकर इसका फैसला करवाना चाहिए मगर आखिरकार जो कुछ होता है वह अच्छे के लिए ही होता है यहां पर हम सिर्फ इस खबर को इसलिए कवर कर रहे हैं और यह स्टोरी मैं इसीलिए कवर कर रहा हूं कि इससे हमें यह पता चलेगा हमारा कानून अभी।
Image Source
तक जिंदा है और वह इंसाफ जरूर करता है मगर हां कुछ लोगों को शिकायत जरूर है कि फैसला आने में बहुत देरी हो जाती है मगर इंसाफ तो होता रहेगा और मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि एक महिला की जीत हुई है तो मैं इसीलिए खुश हूं कि महिला के ऊपर होते हुए अत्याचार चाहे किसी भी सूरत में नहीं सही जाएंगे और इस मामले में हमारा कानून प्रशासन भी काफी एक्टिव नजर आ रहा है और बहुत गर्व की बात है हमें हमारे कानून और अदालतों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए ।