फिल्म का नाम है – ‘फन्ने खां’. ये उस आदमी को बोला जाता है जो ख़ुद को बड़ा जाना-माना आदमी, हीरो या बहादुर समझता है जबकि वो है नहीं. इस मायने के लिए तुर्रम खां और फन्ने खां जैसे शब्द यूज़ किए जाते हैं.
अनिल कपूर इसमें लीड रोल कर रहे हैं और उनके पात्र का नाम है फन्ने खां. वो एक औसत आदमी है. टैक्सी चलाता है. सपने लेकिन बड़े थे. उसे ट्रंपेट बजाने का पैशन है. मोहम्मद रफी और शम्मी कपूर का फैन है.
ये फिल्म एक म्यूज़िकल कॉमेडी है. अभी इसका पहला टीज़र आया है. कहानी इसमें भी नहीं बताई गई है. अनुमान है कि ये कहानी फन्ने खां की है जो अपना सपना पूरा नहीं कर पाया और अपनी बेटी का भी जो सिंगर/पॉप सिंगर बनना चाहती है. लेकिन फिर ऐसी स्थिति आती है कि वो परिस्थितियों के विपरीत जाकर करने की सोचता है. वो देश की नंबर एक सिंगर को किडनैप करने की योजना बनाता है. या ऐसा ही कुछ और होता है. कहानी में ‘ताल एंड टैलेंट’ जैसा कोई सिंगिंग रिएलिटी शो भी होता है.
इस नंबर वन सिंगर का रोल ऐश्वर्या राय बच्चन ने किया है जिसे संभवतः फन्ने खां किडनैप कर लेता है. वे और अनिल लंबे समय बाद साथ काम कर रहे हैं. इससे पहले ‘हमारा दिल आपके पास है’ (2000) और ‘ताल’ (1999) में दोनों ने साथ अभिनय किया है.
इस साल ‘ओमर्टा’ जैसी थ्रिलर में आतंकवादी ओमर शेख के रोल में दिखे राजकुमार राव भी ‘फन्ने खां’ में हैं. माना जा रहा है कि वे फिल्म में ऐश्वर्या के लवर के रोल में हैं. संभवतः उनके मैनेजर भी.
अतुल मांजरेकर ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है. ये उनकी पहली फीचर फिल्म होगी. इससे पहले अतुल विज्ञापन फिल्में बनाते रहे हैं. राकेश ओमप्रकाश मेहरा की 2001 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन, मनोज बाजपेयी और रवीना टंडन स्टारर फिल्म ‘अक्स’ में अतुल असिस्टेंट एडिटर थे.
इस मूवी को 2000 में आई बेल्जियन फिल्म ‘एवरीबडी इज़ फेमस’ की रीमेक बताया जा रहा है. उसे ऑस्कर की बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था. कहानी एक 17 साल की लड़की की थी जो कई सिंगिंग कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेती है लेकिन कहीं नहीं जीत पाती है. ऐसे में उसका निठल्ला पिता देश की टॉप सिंगर को किडनैप करने का प्लान बनाता है. कुछ ऐसा होता है कि उसकी बेटी का करियर आगे बढ़ने लगता है. उधर ऐसा करने से उस सिंगर के नए एलबम की बिक्री बहुत बढ़ जाती है.ये फायदा होते देख उस सिंगर का मैनेजर उस लड़की के पिता से डील करता है कि वो उसकी बेटी को स्टार बना देगा लेकिन उसे उस सिंगर को किडनैप ही रखना होगा.
चूंकि फिल्म म्यूज़िकल है तो इसमें म्यूजिक पर खास ध्यान दिया जाना है. अमित त्रिवेदी से फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और गाने कंपोज करवाए गए हैं. इरशाद कामिल ने गाने लिखे हैं.
इस फिल्म के साथ अनिल कपूर के करियर का एक घेरा पूरा होता है. क्योंकि 35 साल पहले उन्होंने बतौर लीड एक्टर पहली हिंदी फिल्म की थी – ‘वो सात दिन’. उस फिल्म में भी उनका कैरेक्टर म्यूजिक का दीवाना होता है और सिंगर-कंपोजर बनना चाहता है. ‘फन्ने खां’ में अनिल ट्रंपेट बजाते हैं तो ‘वो सात दिन’ में हार्मोनियम. दोनों में ऐसी अनूठी समानताएं हैं.
राकेश ओमप्रकाश मेहरा और अनिल कपूर की कंपनियों ने टी-सीरीज के भूषण और कृषण कुमार व अन्य के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है. ‘फन्ने खां’ 3 अगस्त को रिलीज होगी.