
हर जरा सी बात को दिल से लगाना छोड़ दे
मुस्कराना सीख ले आँसूं बहाना छोड़ दे
जख्म जिसको भी दिखायेगा छिड़क देगा नमक
बेरहम दुनियाँ यहाँ दुखड़े सुनाना छोड़ दे
ठोकरों पे रख उन्हें जो खुद समझ बैठे खुदा
आये'गा वो पास खुद बस तू मनाना छोड़ दे
काम निपटा जो मिला है आज के ही आज तू
रोज कल पर टालने का अब बहाना छोड़ दे
मंजिलो पर रख निगाहें चाल में कुछ जोश ला
रहगुजर में मत उलझ यूँ लड़खड़ाना छोड़ दे
मैकशी की लत बुरी है कर न दे बर्बाद यह
मयकदे में रोज जा पीना पिलाना छोड़ दे
गुनगुना ले जिंदगी को गीत के मानिंद भी
ख्वाब जो टूटे अगर दिल को जलाना छोड़ दे
इश्क औ मुश्कान कब दबते दबाने से भला
खिलखिला कर हँस मुहब्बत को छिपाना छोड़ दे
है 'प्रखर' ये फलसफा जो आया' है वो जाये'गा
मौत के डर से कदम पीछे हटाना छोड़ दे!!