Greetings friends!

दोस्तों ईरान युद्ध केवल एक साधारण युद्ध नहीं है बल्कि ये एक ऐसा गेम है जिसमें चालाक लोग साधारण इन्वेस्टर का पैसा हथिया रहे हैं। डोनाल्ड एक दिन ट्वीट करता है कि युद्ध विराम हो जाएगा और दूसरे दिन चेतावनी देता है कि ईरान का गेम बजा देंगे। जब युद्ध विराम की खबर आती है तो शेयर मार्केट में लोग इन्वेस्ट करने दौड़ पड़ते हैं। फिर अगले दिन नेगटिव खबर आती है और कितने ही रीटेल घाटे में बेचकर निकल भागते हैं। इस तरह उनसे ऊंची कीमत पर शेयर खरीदवा लेते हैं और फिर घाटे में बिकवा देते हैं। इस तरह रीटेल इन्वेस्टर को लूटा जा रहा है। कितने ही रीटेल इन्वेस्टर हैं जिनका प्रोफाइल लॉस में है, भले ही उन्होंने लॉस बुक नहीं किया।
आज इंडिया में लोग सबसे ज्यादा SIP में पैसा डाल रहे हैं। FII भाग रहे हैं और माल म्यूचूअल फंड खरीद रहे हैं। लेकिन उनके पास जो पैसा है वो जनता का है। इसलिए अगर लॉस होता है तो जनता का ही होगा न कि म्यूचूअल फंड मैनेजरों का। उनको तो अपनी फी मिल ही जाती है। फँसता तो बेचारा रीटैलर है। आपका इस बारे में क्या कहना है?