वैसे तो आप जानते हो कि हिंदुस्तान के लिए बहुत सारे लोगों ने कुर्बानी दी है उसी के अंदर एक ऐसा नाम भी जुड़ा हुआ है जिसके बारे में आपने सुना तो होगा मगर एक बहुत बड़ी तादाद है हमारे देश में जो इनके बारे में नहीं जानते मैं आज आपको वीर शहीद केसरी चंद के बारे में बताना चाहता हूं और
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वह भी बहुत ही शॉर्ट में यह 24 साल की उम्र में ही इनको फांसी की सजा सुनाई दी गई थी 3 मई 1945 मैं उनको सजा सुनाई दी गई थी और यह भी इसलिए कि उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ जंग छिड़ी थी उसी के ऊपर इनके ऊपर बहुत सारे मुकदमे दर्ज कर दिए गए और उसी के आधार पर इनको
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फांसी की सजा सुनाई दी गई मगर यह वह जहां बात बंदा था जिसने मौत की परवाह किए बगैर फांसी को अपने सीने से गले लगा लिया और हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कर दिया और हम भारतीयों को एक नई हिम्मत दी देहरादून में हर साल इनकी याद मनाई जाती है जैसा कि आप
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तस्वीरों में देख सकते हैं कि उनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है यह हमारे भारत के बहुत ही बड़े
अनमोल हीरे हैं हमें कभी भी अपने शहीदों को नहीं भूलना चाहिए उनके याद मनाते रहना चाहिए इससे हमें हमारे भारत के जो शहीदों ने जो कुर्बानी दी है उसे याद ताजा करने का एक सुनहरा मौका होता है इसलिए हम इनको हर साल याद करते हैं मगर हम सिर्फ याद ही ना करे बलके आप भी भारत के लिए जो हो सके भारत के भलाई के लिए आप अपने आप को भी देश के लिए आगे पेश कीजिए ताकि आने वाले दिनों में हम अपने भारत को और सुरक्षित कर ना सके