नमस्कार दोस्तों, ठण्ड बढ़ता ही जा रहा है और पिछले साल के मुकाबले इस साल कुछ ज्यादा ही ठण्ड है। अपने देश कुछ जगह जन्नत जैसा बन गया है लेकिन उस जन्नत में रहना बहुत कठिन है। पहले तो मैं आप को अपने शहर का बताता हूँ। हमारे शहर में अभी उतना ज्यादा ठंडा नहीं है कुछ दिन पहले मैंने तापमान देखा था तभी 16 डिग्री था लेकिन अभी तो 22 डिग्री है लेकिन ठण्ड अभी भी लग रही है लेकिन पहले से थोड़ा कम ठण्ड है। इधर बारिश भी नहीं हो रही दिन में मस्त धुप रहता है।
लेकिन अपने ही देश कश्मीर में हालत बहुत ख़राब है। वैसे ठण्ड तो यहाँ सालो भर रहती है लेकिन सर्दी के मौसम में और ज्यादा ठण्ड बढ़ जाती है। कश्मीर तो अभी बर्फ़बारी से जन्नत जैसा हो गया है लेकिन मुझे नहीं लगता की मैं इस जन्नत को देख पाऊंगा। मेरे से न ठण्ड बर्दास्त नहीं होती है 16 डिग्री में भी हालत ख़राब हो जाती है मेरी फिर वहा तो माइनस में रहता है तापमान वहा कैसे रह पाऊंगा मैं।
लेकिन अपनी जिंदगी में एक बार तो कश्मीर जा के रहूँगा मैं। कश्मीर जाना मेरा सपना है कब जाऊँगा पता लेकिन जाऊँगा जरूर। वहा जाने से डर भी लगता है यार क्यों की वहा आतंकवादी हमले होते ही रहते है। और वहा के सिटीजन का भी कोई जवाब नहीं साले अपने ही जवान पर पत्थर फेकते है। इसलिए वहा जाने से मुझे डर भी लगता है।
इन इलाको में है काफी ठण्ड।
कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बहुत ज्यादा ठण्ड है वहा हर रोज बर्फ गिर रहे है। बाकी आप फोटोज देख रहे हो की नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है लेकिन इस जन्नत में रहना आसान नहीं है ठण्ड लगा ना भाई तो फिर गए काम से। इतना ज्यादा ठण्ड है की दूध भी बर्फ का टुकड़ा बन जा रहा है। पीने वाले पानी पम्प में जम जा रहे है। अब सोचिये वहा के लोग कैसे जी रहे है इतना ठण्ड में भी वो वहा रह रहे है।
इस जन्नत को देखने के लिए देश भर से लोग जा रहे है। हर तरफ नजारा जन्नत जैसा हो गया है। आप को पता है कश्मीर के कई जगह पर तो 2 से 3 फीट बर्फबारी हुई है। और उधर का तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया है। बताइये यहाँ साला 16 डिग्री में मेरी हालत ख़राब हो रही है और वहा पे लोग माइनस में भी जिंदगी जी रहे है।
कारगिल में माइनस 17 डिग्री सेल्सियस।
देख रहे हो आप कारगिल में तो सब से ज्यादा ठंडा और लेह में भी बहुत ज्यादा ठण्ड है। वैसे बर्फ़बारी देखने का दिल तो मुझे भी कर रहा है फिल्मो में देखता हूँ अच्छा लगता है। मजा बहुत आता होगा ऐसा खूबसूरत नजारा देखने में। पता नहीं ऐसा नजारा कब सच में देखने को मिलेगा। हमारे इलाके में तो कभी भी बर्फ़बारी नहीं हो सकती है।