नमस्कार दोस्तों, दिवाली आ रही है ऐसे में पठाखे फोड़ने का सिलसिला अभी से शूरा हो गया है। लेकिन पठाखो से सौधानी बरतनी भी जरुरी है। कई बार बहुत बड़े बड़े हादसे हो जाते है छोटे पठाखो से ही। महाराष्ट्र में एक 6 साल के बच्चे की मौत हो गयी पठाके से। न्यूज़ में देखा मैंने की एक बच्चा जिस की उम्र 6 साल की थी वो सुतली बम फोड़ रहा था। वो बम उसके मुँह के पास ही था और वही पे फट गया। इस वजह से बच्चे की जान चली गयी यार।
Image via indiatoday.in
ये मामला महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िले का है।
एक 6 साल का मासूम की जान ले ली एक छोटे से बम ने, दोस्तों छोटे पठाके भी खतरनाक होते है लेकिन फिर भी कुछ लोग है जो हाँथ में ही फोड़ कर हीरो बनते है। ऐसा नहीं करना चाहिए, वैसे ये बच्चा छोटा था। उनके माँ बाप को चाहिए था की बच्चे को अकेले बम फोड़ने न दिया जाए। ये हादसा दोपहर में हुआ है और इस हादसे ने बच्चे की जान ले ली।
यश के पिता से जब घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया वो घर में लंच कर रहे थे तभी उसका बेटा यश बाहर से आया और माचिस लेके बाहर चला गया तभी अचानक बम फूटने की आवाज आयी वो बाहर निकला तो देखा की उसका बेटा खून से सना हुआ है फिर उसको अस्तपाल लेके गए लेकिन वह बच्चे की मौत हो गयी।
Image via indiatribune.com
ऐसा ही हादसा हो चूका है मेरे साथ।
शादी की मौके पर मैं पठाके फोड़ रहा था और कुछ पठाके मेरे शर्ट के ऊपर की पॉकेट में रखे हुए थे। अचानक पठाके की एक चिंगारी मेरे ऊपरी शर्ट के पॉकेट में चली गयी और पठाके फट गए। छाती पर जल गया पूरा यार वैसे छोटे पठाके थे इसलिए मैं मरा नहीं। हॉस्पिटल गया वहा इलाज़ हुआ फिर घर आया उसके बाद कभी पठाके फोड़े ही नहीं मैंने।
पिछले साल दिवाली में मेरा एक दोस्त के हाथ जल गया था।
पिछले ही साल मेरे साथ कॉलेज में ही पढ़ने वाला दोस्त दिवाली के मौके पर पठाके फोड़ रहा था और गलती से उसके हाँथ में ही पठाका फट गया। वो हाँथ में जला के फेकने वाला था लेकिन फेकने से पहले ही पठाका फट गया और इसकी वजह से उसकी हाँथ पूरी तरह जल गए। वैसे अब ठीक हो गया है लेकिन अभी भी जले का निसान है।