दूध, दूध, दूध ....... और दूध : इंसानों को चाहिए, किसी भी प्रजाति का दूध ।
आज भी समाचार-पत्र में प्रकाशित ख़बर पढ़ कर हैरानी हुई कि लो देखो अब तो बकरी का दूध भी पैकिंग में मिलेगा । पता नहीं इंसानों को बस दूध ही चाहिए, चाहे किसी का भी हो । अब तो लोग बकरी का दूध भी बड़े स्वाद ले कर पियेंगे ।
दूध छोड़, दया जोड़।।
किसी भी जीव पर इसके लिए कितना भी अत्याचार हो, उससे इंसानों को कोई भी मतलब नहीं है। उसे तो बस दूध चाहिए, चाहे कैसे भी प्राप्त हो । बस मिलना चाहिए।
क्या आपको भी दूध पीने की लत है ? बुरी लत है, जल्दी छोड़ दीजिए, वक्त रहते सम्भल जाइये, नहीं तो इसके परिणाम बहुत ही ख़राब होंगे । बाकि आपकी मर्जी, किसी के कुछ भी खाने-पीने पे कोई रोक नहीं है।