आओ मिलकर सजाये नन्दलाल को, आओ मिलकर करें उनका गुणगान! जो सबको राह दिखाते हैं, और सबकी बिगड़ी बनाते हैं!
राधा की भक्ति , मुरली की मिठास , माखन का स्वाद और गोपियों का रास , सब मिलके बनाते हैं जन्माष्टमी का दिन ख़ास।
नन्द के घर आनंद भयो, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की!
शुभ जन्मआष्टमी!
कृष्ण के कदम आपके घर आये,
आप खुशियो के दीप जलाये,
परेशानी आपसे आँखे चुराए,
कृष्ण जन्मोत्सव की आपको शुभकामनायें