"Internal Air Quality of A Room" विषय पर शोध करते हुए इटली के शोधकर्ताओं ने पाया कि अगरबत्ती से होने वाले धुएं से कमरे के अन्दर प्रदूषण फैलाने वाले कणों का स्तर बहुत बढ जाता है जोकि सिगरेट के धुएं से दो गुना तक अधिक हानिकारक है।
अगरबत्ती के धुएं से होने वाली हानियां-
यह धुआं न्यूरोटाक्सिक होता है जिससे सरदर्द एवं ब्रेन स्टोक हो सकता है।
इस धुएं में पाये जाने वाला पालीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है।
इस धुएं में मौजूद नाईट्रोजन एवं सल्फर डाईआक्साइड अस्थमा का कारण हो सकती है।
इस धुएं में लगातार सांस लेने से ह्रदय की कोशिकाएं सिकुडने लगती हैँ जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ जाता है।
इस धुएं से आँखों में जलन एवं स्किन एलर्जी हो सकती है।
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!!जय हिन्द!!