जबसे किया सफर तेरे जलवों के बाग़ का
के हाल तबसे ठीक नही है दिमाग का
हमसे क्या पूछते हो उजालों का मर्तबा
अँधेरे ही जानते हैं बस रुतबा चिराग का
जबसे किया सफर तेरे जलवों के बाग़ का
के हाल तबसे ठीक नही है दिमाग का
हमसे क्या पूछते हो उजालों का मर्तबा
अँधेरे ही जानते हैं बस रुतबा चिराग का