क्या आपको आश्चर्य नही होता कि 2017 मे #मोबाइल के रिचार्ज पैकेज अचानक क्यों आरम्भ हो गए, जबकि पिछले 17 वर्षो से भारत मे मोबाइल सबंधी एक जैसी tarif, या 1 घण्टे का फ्री टॉकटाइम आदि लुभावनी स्कीम ही देती थी सभी कम्पनिया ??
आजकल ये 150 या 200 रुपये में महीने भर मुफ्त बात करने , मेसेज करने, नेट संचलित आदि क्यों लागू हुआ ??
क्योंकि
आपको जरूर याद होगा कि पहले (2001 से 2016 तंक) पहले अचानक आपके 45 रुपये कट जाते थे ,फिर आप कम्पनी के कस्टमर केयर फोन करते , जहॉ मुफ्त काल होने के बावजूद 15 मिंन्ट तंक आप इंतजार करते रहते लेकिन किसी से बात नही होती या होती तो उस कम्पनी एजेन्ट के पास कोई समाधान नही होता, उल्टे वो आपको ज्ञान देता की आपने ही चुट्कुले, या क्रिकेट अपडेट या कविताएं ,राशिफल आदि रोज प्राप्त करने के लिए कम्पनी को sms किया है और फिर आप कुछ नही कर पाते, रुपये कट गए।
ग्रामीण इलाकों में तो श्थिति और भी दयनीय थी, लोग जरूरत के लिए 10 या 50 रूपये का ही रिचार्ज करवाते थे, और उनके पैसे 2 दिन में ही खक्तम हो जाते,संमझ नही आता था उनको , और परिवार में एक ही फोन होने से लगता था कि शायद किसी ने बात कर ली होगी।
इस तरह चुपचाप 10 रुपये से लेकर 45 रुपये तक आपके फोन से कट जाते , पूरे भारत के 20 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ताओं के हर माह इस तरह पैसे कट जाते और बैठे बैठे, अपने सर्वर पँर केवल एक क्लिक पर मोबाइल कम्पनिया अरबो रुपये हर माह कमा लेती थी. इस तरह अरबो रुपये की लूट हर माह होती भारतीयों की जेब पर।
ये थी एक प्रकार की कांग्रेस समर्थित लूट जोकि हर कम्पनी करती थी, और किसी भी कम्पनी का कोई कुछ भी नही बिगाड़ पाया।
तो अब मोबाइल तरंगों का #स्पेक्ट्रम मोदी सरकार ने आसान किया,संस्ता किया और पैकेज सिस्टम बनाया गया ताकि किसी भी व्यक्ति की मोबाइल के खाते से अब 1 रुपये का भी भ्रष्टाचार नही हो पाए।
( ये है मोदी सरकार की नीति, हर भरतीय के लाभ के लिए, भारत्त को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए)
🔻बोलिये अब भी भरोसा नहीं है कि #कांग्रेस एक लुटेरा व देशद्रोही गिरोह है ??🔻
🔺किसको चुनेंगे 2019 में, लुटेरों को या आपको लूट से बचाने वाले एक चौकस चौकीदार को ??
चुनाव आपका ही है।