मुंबई के महाराष्ट्र से यह खबर आ रही है कि एक फौजी गरीब तबके के लोग जो राशन कार्ड की मदद से सब्सिडी की मदद से वह अपना अनाज पानी हासिल करते हैं और मेहनत मजदूरी करने वाले और इसी तरह के लोग के लिए बहुत ही अहम है उनका राशन कार्ड राशन कार्ड की वजह से उन्हें कम दामों में अनाज मिल जाता है वह इसी के सहारे कुछ गुजर-बसर कर
लेते हैं मगर एक बहुत ही गरीब तबके के 65 साल के बुजुर्ग सिर्फ अनाज ना मिलने की वजह से उनकी जान चली गई बताया
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जा रहा है कि 2 महीने से आधार लिंक करवाने की प्रक्रिया में वह काफी हद तक फेल नजर आ रहे हैं और मृत युवक की पत्नी का आरोप है कि मेरा पति दो महीनों से धक्के खा रहे हैं मगर उसका आधार लेकर नहीं हो रहा है बल के बहाने बनाकर उन्हें वहां से हटा दिया जाता है इसी के कारण हमें राशन की बहुत कमी हो गई थी और आखरी दिनों में तो हमारे
पास कुछ भी नहीं था और हम राशन कार्ड के जरिए भी राशन नहीं उठा सकते थे कि का आधार लिंक नहीं था इसलिए वह हमें राशन भी नहीं दे रहा था इसी के कारण ऐसी भूखमरी हो गई के दो-तीन दिन से हमारे पास एक अनाज का दाना भी नहीं
था और इसी हालत को देखकर मेरे पति ने कमजोरी की वजह से दम तोड़ दिया इस दुनिया से अलविदा कर चुके हैं दोस्तों कितने अफसोस की बात है एक मामूली से वेरीफिकेशन प्रोसेस की वजह से एक मासूम बेकसूर की जान चली गई और हम वेरिफिकेशन नाम पर और मीडिया के नाम पर कब तक लोगों को बेवकूफ बनाते रहेंगे कि हमारे लिए इस बुजुर्ग की जान की कोई कीमत नहीं