इस खबर को पढ़कर आपको जरूर ऐसा लग रहा होगा कि हमारे भारत में मुजरिमों को अपराधियों को सजा देने का जो % वह काफी कम होता जा रहा है बलके हो चुका है इस रिपोर्ट को अब देखिए जिसमें यह बताया गया है भारत में 2017 में ।
सिर्फ 45 लोगों को फांसी की सजा दी गई है और वह भी यौन उत्पीड़न मामले में आजकल हमारे भारत में काफी जोर पकड़ चुका है यह मामला एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधियों को लेकर फिर से फांसी की सजा के ऊपर ।
बहुत ही ज्यादा जोर दिया जा रहा है और डिमांड भी हो रही है कैसे अपराधियों को फांसी की सजा होनी ही चाहिए मगर अगर आप ऑल वर्ल्ड देखने जाएंगे हमारे भारत में सिर्फ 43 लोगों को मृत्युदंड हुआ है तो विश्व भर में यह आंकड़ा क्या बयान करता है तो आप चौक जायेंगे के वर्ल्ड लेवल पर इसका आंकड़ा 2591 मौत की सजा हो चुकी है और भारत का % ।
काफी कम है अगर आप पूरी रिपोर्ट पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा मगर मैं यहां पर रिपोर्ट को नहीं पेस कर रहा मैं सिर्फ इतना बताना चाह रहा हूं कि आंकड़े तो हम कहीं से भी पढ़ लेंगे मगर यह हमारे देश के लिए बहुत ही चिंता की बात है कि हमारे देश में अपराध बढ़ रहे हैं और मुजरिमों को कड़ी से कड़ी सजा देने में हम बहुत ही देर कर देते हैं अदालत में बहुत ।
ही लंबे केस चल जाते हैं बड़ी बड़ी उम्र निकल जाती है सालों लग जाते हैं और एग्जांपल इस से ले लो सलमान खान के केस के मामले में कितने साल हो चुके तब जाकर अब उसका रिजल्ट हमें देखने मिला बस मैं तो यही चाहता हूं हमारे भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट हो जो इस तरह के मामले को वह जल्द से जल्द निपटा दें ताकि हमारे भारत में अपराधियों को को भी।
2591 अपराधियों को 2017 में पूरी दुनिया में मौत की सजा मिली 3117 अपराधियों को 2016 में मिला था दुनिया भर में मृत्युदंड 02 लगातार साल हो गए हैं जब भारत में एक को भी फांसी नहीं मिली 993 को ही फांसी चढ़ाया गया पिछले साल पूरी दुनिया में 09 एशिया पैसेफिक क्षेत्र के देशों में फांसी का आंकड़ा 11 से भी कम रहा 02 देशों ताइवान व इंडोनेशिया में भी 2017 में किसी को फांसी नहीं मिली
काबू किया जाए और जो मुजरिम हैं उन्हें भी सबक सिखाया जाए और इस तरह करने से हमें उम्मीद है कि क्राइम % काफी हद तक कम हो सकता है उम्मीद करता हूं कि हमारे भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट कोर्ट में केस चलाए जाएं और जल्द से जल्द फैसला दे दिया जाए।