जुबां पे आ गया वो गीत
लहराती झुल्फे देखकर मैं मुशकुरा दिया । वो गीत सुनकर आज फिर मैंने गया दिया ।।
आप हो या नही मुझे पता नही।
पर ये यादें याद कर के ये दिल गुनगुना दिया।।
आप का तो पता नही मेरे दिल ने ये गया दिया । अब बस उस दिन का ईतज़ार है जब वो गीत जुबाँ पर आ गया ।।
मैंने भी कह दिया कि वो दिल मुश्करता है । अब तो बस जुबाँ पर वो गीत आ जाता है ।
बस थे हुए लहरों की तरह हम मुश्करते है।।
बस वो गीत याद आ जाये ये सोचते है।।