Hello friends I sandeep kumar this is our Fourteenth poem ,
आ गया है राखी का त्यौहार ,
मामुली नहीं है धागा यार ।
बहनों का तो है यह प्यार ,
भाई बहन का यह है त्यौहार ।
भाई की लम्बी उम्र के लिए ,
बहन है करती दुआ हजार ।
कहें सन्दीप धन्य है वह भाई ,
जिसको मिलता है बहन का प्यार ।।
आ गया है राखी का त्यौहार ,
मामुली नहीं है धागा यार ।।
Hello friends, Wish you all of the best wishes of Rakhi
(हलो दोस्तो आप सबको हमारी तरफ से राखी की हार्दिक शुभ कामनाएं)
🥀🥀🥀Sandeep kumar 🥀🥀🥀