Hello friends I am sandeep kumar
and this is my sixteenth poem ,
कृष्ण की महिमा है अपरम्पार ,
उनके हैं देखो रुप हजार ।
भक्तों की रक्षा के लिए ,
लेतें हैं अलग-अलग अवतार ।
कृष्ण की महिमा है अपरम्पार ,
उनके हैं देखो रुप हजार ।
भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए ,
उन्होंने धरा था नरसिंह अवतार ।
मीरा भी थी कृष्ण दिवानी ,
जाने है दुनिया उनकी कहानी ।
मत्स्य पुराण है प्राचीन पुराण ,
मछली का रुप धरे भगवान ।
सन्दीप कहें हे कृष्ण भगवान ,
हमको देना कवि का वरदान ।
जैसा की आप सब जानते हैं की आने वाली 3/9/2018 को कृष्ण जन्म अष्टमी है हो सकता है हमें समय न मिले इसलिए,
आप सभी दोस्तोंं को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ।(in advance )
"Sandeep kumar"