Hello friends I am sandeep kumar and this is our tenth poem,
बच्चों पन्द्रह अगस्त है आज ,
स्वतंत्रता मिली थी बरसों बाद ।
उन वीरों पर हमको है नाज ,
बच्चों पन्द्रह अगस्त है आज ।
भारत देश हुआ आजाद ,
कहें सन्दीप उन वीरों को ,
दिल से करतेंं हैं हम याद ।
बच्चों पन्द्रह अगस्त है आज ।।