सैकड़ों करोड़ की संपत्ति के मालिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जिनके घरों में साफ-सफाई करने वाले से खाना बनाने वाले और ड्राइवरों सहित दर्जनों पढ़े-लिखे और ग्रेजुएट तक नौकर बनकर काम करते हैं वे भी दलित है
गरीब / दलित / दबा / कुचला की परिभाषा का इससे भद्दा मजाक नहीं हो सकता
आप इस प्रतियोगिता में किसको विजय-श्री का प्रसाद ग्रहण करते देखना चाहते हैं कृपया कमेन्ट अवश्य करें यह देश के सर्वोच्च महामहिम का चुनाव है
आरक्षण विरोधी पार्टी