एक मतला....
जिसका न कुछ इलाज दवा या दुआ में है ।
ये कैसा ज़ह्र आजकल आबो-हवा में है ।
राकेश 'नादान'एक मतला....
जिसका न कुछ इलाज दवा या दुआ में है ।
ये कैसा ज़ह्र आजकल आबो-हवा में है ।
राकेश 'नादान'