नहीं बन जाता कोई अपना
यूँ ही दिल लगाने से,
करनी पड़ती है दुआ,
सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,
रखना संभालकर ये याराना अपना,
टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से
नहीं बन जाता कोई अपना
यूँ ही दिल लगाने से,
करनी पड़ती है दुआ,
सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,
रखना संभालकर ये याराना अपना,
टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से