भारत में सेकड़ो ऐसे मंदिर है जिनके पास अरबों की संपत्ति जमा है। यह पैसा इन मंदिरों को चढ़ावे के रूप में मिलता है इनमें से कुछ मंदिर सेकड़ो साल पुराने हैं और वह सभी चढ़ावा जो इन मंदिरों को आता है उन्हें तिजोरियों में जमा करके रख दिया।
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परंतु एक ऐसा भी मंदिर है जहां पर आने वाले वाला चढ़ावा सबके सामने खुले में ही पड़ा रहता है और कोई उसे हाथ नहीं लगाता। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में कमरूनाग झील के पास मौजूद है इस मंदिर में कमरूनाग देवता की पूजा की जाती है यहां पहुंचने का रास्ता बेहद दुर्गम है ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से होते हुए 8 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता ह
इस मंदिर के पास ही एक झील है जिसका नाम कमरूनाग झील है हर साल यहां हजारों भक्त आते हैं यह भक्त झील में सोने-चांदी के गहने और पैसे चढ़ाते हैं। सैकड़ों सालों से यह परंपरा चलती आ रही है माना जाता है कि इस झील में अरबो का खजाना पड़ा है।
झील की सतह पर तैरते हुए नोटों को आप दूर से ही देख सकते हैं। सर्दियों में यहां बर्फ भी पड़ती है और तब मंदिर को बंद कर दिया जाता है।
यहां कभी भी किसी ने पैसे चुराने की कोशिश नहीं की। माना जाता है कि झील के इस खजाने की रक्षा एक नाग करता है यह भी माना जाता है कि यह झील पाताल तक जाती है और यह खजाना देवताओं का है।
यहां कभी भी किसी ने पैसे चुराने की कोशिश नहीं की। माना जाता है कि झील के इस खजाने की रक्षा एक नाग करता है यह भी माना जाता है कि यह झील पाताल तक जाती है और यह खजाना देवताओं का है।